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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी का समय बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होता है और आपकी à¤à¤• छोटी-सी गलती à¤à¥€ शिशॠकी जान के लिठखतरा पैदा कर सकती है इसलिठखासतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में à¤à¥à¤•ने की गलती बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न करें। यही आपके और आपके शिशॠके सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ के लिठठीक रहेगा।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कब à¤à¥à¤•ना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है और कब नहीं?
पहली तिमाही
पहली तिमाही में महिला का शरीर लचीला होता है, तो महिला के लिठà¤à¥à¤•ना आसान होता है। अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को कोई समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सामानà¥à¤¯ है, तो महिला पहली तिमाही में थोड़ा à¤à¥à¤• सकती है। साथ ही धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि à¤à¥à¤• कर कोई à¤à¤¾à¤°à¥€ चीज न उठाà¤à¤‚ और न ही à¤à¤¾à¤°à¥€ काम करें। हालांकि, पहली तिमाही में à¤à¥à¤°à¥‚ण बहà¥à¤¤ छोटा होता है, इसलिठइस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना à¤à¥€ जरूरी है कि उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ होकर à¤à¤Ÿà¤•े से उठे या बैठे नहीं। à¤à¤¸à¤¾ करने से शिशॠपर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ सकता है और गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा हो सकता है। जब à¤à¥€ आप बैठे या उठें, तो किसी का सहारा जरूर लें।
दूसरी तिमाही
दूसरी तिमाही आते-आते गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का पेट हलà¥à¤•ा बाहर आने लगता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उठने व बैठने में थोड़ी तकलीफ होने लगती है। à¤à¤¸à¥‡ में बेहतर होगा कि आप à¤à¥à¤• कर किठजान वाले काम न करें। इसके अलावा, आप इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ सलाह लें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वो आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बारे में बेहतर जानते हैं और उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वो आपको सलाह à¤à¥€ देंगे।
तीसरी तिमाही
तीसरी तिमाही में आपके गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠका विकास काफी तेजी से होता है। शिशॠके विकास के साथ ही महिला के पेट का आकार à¤à¥€ बड़ा हो जाता है। इसके अलावा, इस दौरान थकावट होना और काम करने की इचà¥à¤›à¤¾ न होना सामानà¥à¤¯ है (3)। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥à¤•ने से महिला को चकà¥à¤•र आने या गिरने का डर रहता है और गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠको चोट लगने के अलावा, कई और खतरे à¤à¥€ हो सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में तीसरी तिमाही में जितना हो सके à¤à¥à¤•ने से बचें।
नोट : चाहे वो पहली, दूसरी या तीसरी तिमाही हो, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥à¤•ने से बचें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥à¤•ने से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ या वकà¥à¤¤ से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ का खतरा हो सकता है । इसलिà¤, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सावधानी बरतें।
लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में जानिठकि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥à¤•ने से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बचना चाहिà¤à¥¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आपको à¤à¥à¤•ने से कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बचना चाहिà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कà¥à¤› मामलों में à¤à¥à¤•ने से निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं :
गिरने का डर – जब आप à¤à¥à¤•ने की कोशिश करते हैं, तो पेट का आकार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने के कारण आपका संतà¥à¤²à¤¨ बिगड़ सकता है और गिरने का खतरा हो सकता है। यह खतरा तीसरी तिमाही में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान शिशॠका सिर नीचे पेलà¥à¤µà¤¿à¤• की तरफ होता है।
चकà¥à¤•र आना – आगे की ओर à¤à¥à¤•ने से सिर में रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ सकता है, जिससे आपको चकà¥à¤•र आने का खतरा हो सकता है। चकà¥à¤•र आने से आप गिर à¤à¥€ सकती हैं और गिरने से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होने का खतरा à¤à¥€ हो सकता है।
कमर दरà¥à¤¦ का कारण – गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कमर पर जोर पड़ना या दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ है। à¤à¤¸à¥‡ में आगे की ओर à¤à¥à¤•ना आपकी पीठपर अतिरिकà¥à¤¤ खिंचाव डालता है। इससे रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ में या कमर में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥à¤•ने से होने वाले जोखिमों के बारे में जानने के बाद अब गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥à¤•ने का सही तरीका पता होना à¤à¥€ जरूरी है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने पर कैसे à¤à¥à¤•ें?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान अगर कà¤à¥€ आपको à¤à¥à¤•ना पड़े, तो आप नीचे बताठगठतरीके से à¤à¥à¤• सकती हैं ।
अपने शरीर को आगे की ओर à¤à¥à¤•ने के बजाय किसी चीज का सहार लेकर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल बैठकर à¤à¥à¤•ें।
उठते वकà¥à¤¤ à¤à¥€ à¤à¤Ÿà¤•े से न उठें, बलà¥à¤•ि à¤à¤• हाथ से किसी ठोस चीज को पकड़ें, जबकि दूसरे हाथ से घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ और जांघ का सहारा लेकर उठें।
यहां ठोस या à¤à¤¾à¤°à¥€ चीज से हमारा मतलब उस चीज से है, जो अपनी जगह से हिले या गिरे नहीं, ताकि आपके गिरने का डर न हो।
अगर आपको उठने या बैठने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिकà¥à¤•त हो, तो किसी की मदद लेने से न हिचकिचाà¤à¤‚।
इतना ही नहीं अपने रोज के कामों को करते वकà¥à¤¤ à¤à¥€ सावधानी बरतें।
नोट: इसके अलावा, आप अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के महीने और सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को देखते हà¥à¤ अपने गायनकोलॉजिसà¥à¤Ÿ से à¤à¥€ इस बारे में सलाह ले सकती हैं।
लेख के आगे के à¤à¤¾à¤— में हम सही पोसà¥à¤šà¤° से जà¥à¥œà¥‡ कà¥à¤› टिपà¥à¤¸ à¤à¥€ दे रहे हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सही मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ (posture) बनाठरखने के लिठटिपà¥à¤¸
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सही मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ बनाठरखने के लिठनीचे बताठगठटिपà¥à¤¸ को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें (4) :
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बैठने के लिठटिपà¥à¤¸
बैठने के लिठहमेशा आरामदायक कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि आप पहिये वाली कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ न करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें फिसलने या गिरने का डर हो सकता है।
मजबूत कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें, जो आपके कमर को अचà¥à¤›à¥‡ से सहारा दे सके।
कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ की लंबाई इतनी हो कि जब आप उस पर बैठें, तो आपके तलवे जमीन को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करें।
आप बैठते वकà¥à¤¤ पैरों को कà¥à¤°à¥‰à¤¸ करके न बैठें, à¤à¤¸à¤¾ करने से रकà¥à¤¤ संचार में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
साथ ही थोड़ी-थोड़ी देर में उठकर चलते-फिरते रहें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान खड़े रहने के लिठटिपà¥à¤¸
लंबे वकà¥à¤¤ तक खड़े रहने से बचें। अगर आप बैठनहीं सकते हैं, तो थोड़ी-थोड़ी देर में अपनी मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ को बदलते रहें और थोड़ा चलते-फिरते à¤à¥€ रहें।
अगर आप लंबे वकà¥à¤¤ तक खड़े à¤à¥€ हैं, तो कोशिश करें कि पैरों को थोड़ा फैलाकर खड़े रहें।
अगर आपको थोड़े समय के लिठà¤à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर खड़े रहना à¤à¥€ है, तो à¤à¤• पैर को à¤à¤• छोटे से सà¥à¤Ÿà¥‚ल पर रखें, जिसकी ऊंचाई न के बराबर हो। आप कà¤à¥€ बाà¤à¤‚ पैर को सà¥à¤Ÿà¥‚ल पर रखें और कà¤à¥€ दाà¤à¤‚ पैर को। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपकी कमर पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर नहीं पड़ेगा और आपको खड़े होने में à¤à¥€ आसानी होगी।
सिर को सीधा रखकर खड़े हों और बार-बार सिर को à¤à¥à¤•ाने से बचें।
अपने पैरों को à¤à¤• ही दिशा में रखें और समान रूप से दोनों पैरों पर वजन को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ करें।
ऊंची हील न पहनें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे फिसलने या गिरने का तो डर रहता ही है, साथ ही खड़े होने या चलने में à¤à¥€ परेशानी हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में लेटने के लिठकà¥à¤› टिपà¥à¤¸
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अगर सोने के तरीके की बात करें तो इस दौरान लमà¥à¤¬à¥‡ समय तक पीठके बल लेटने से बचें, खासतौर पर जब आप लेट पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में हों। पीठके बल सीधे लेटने (Supine position) से हृदय की ओर रकà¥à¤¤ ले जाने और वापस शरीर की ओर लाने वाली धमनियों पर अतिरिकà¥à¤¤ दबाव के कारण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रकà¥à¤¤à¤¸à¤‚चार की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है। इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प, गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠके विकास में बाधा आ सकती है। इसके अलावा, à¤à¤¸à¤¾ करने से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के आखिरी सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में गरà¥à¤ में शिशॠकी मृतà¥à¤¯à¥ का जोखिम बढ़ जाता है (5)।
जब आप किसी à¤à¤• तरफ होकर सोते हैं, तो अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को हलà¥à¤•ा मोड़कर और शरीर को सीधा करके सोà¤à¤‚।
कोशिश करें बाà¤à¤‚ (Left) करवट लेकर सोने की। à¤à¤¸à¤¾ करने से हृदय, à¤à¥à¤°à¥‚ण, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ के बीच रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है (6)।
बेड पर à¤à¤• तरफ सोते वकà¥à¤¤ अपनी पीठके पीछे, अपने पैरों के बीच और अपने पेट के नीचे सपोरà¥à¤Ÿ के लिठतकिठकी मदद ले सकते हैं। वैसे खासतौर पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठखास किसà¥à¤® के मैटà¥à¤°à¥‡à¤¸ à¤à¥€ बाजार में उपलबà¥à¤§ हैं। आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनका उपयोग à¤à¥€ कर सकती हैं।
बिसà¥à¤¤à¤° से उठने के लिठआप अपने ऊपरी शरीर को अपनी बांहों और हाथों के सहारे बैठने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उठाà¤à¤‚। फिर पैरों को बेड से उतरने वाले साइड में ले जाà¤à¤‚ और धीरे से नीचे उतरें। बिसà¥à¤¤à¤° पर लेटते समय à¤à¥€ इसी का विपरीत तरीका आजमायें, à¤à¤Ÿà¤•े से बैठने और लेटने से बचें।
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